Monday, 17 October 2011
Sunday, 16 October 2011
हमे तेरा दीवाना बना देती हैं
सच कहू ओह मेरे श्याम
आता नही हैं मुझे करना तेरा गुणगान
फिर भी अटपटी भाषा में
जो मन में आये बकती रहती हूँ
क्या अछा क्या बुरा
कुछ न होता हैं ख्याल
मैं तो बस करती हूँ
तुमसे अपने मन की बात
मुझे तू प्यारा लगता हैं
सारे जग से न्यारा लगता हैं
तेरी मुरली की तान सुनने को मन करता हैं
कभी तेरे पायल के घूंगरू की तान को दिल मचलता हैं
तो कभी मन में आई तेरी एक झलक
सब होश उडा देती हैं
हमे तेरा दीवाना बना देती हैं
रोम रोम नृत्य करता हैं
बस उसी पल में रहने को जी करता हैं
बस उसी पल में .....बस उसी पल में
आता नही हैं मुझे करना तेरा गुणगान
फिर भी अटपटी भाषा में
जो मन में आये बकती रहती हूँ
क्या अछा क्या बुरा
कुछ न होता हैं ख्याल
मैं तो बस करती हूँ
तुमसे अपने मन की बात
मुझे तू प्यारा लगता हैं
सारे जग से न्यारा लगता हैं
तेरी मुरली की तान सुनने को मन करता हैं
कभी तेरे पायल के घूंगरू की तान को दिल मचलता हैं
तो कभी मन में आई तेरी एक झलक
सब होश उडा देती हैं
हमे तेरा दीवाना बना देती हैं
रोम रोम नृत्य करता हैं
बस उसी पल में रहने को जी करता हैं
बस उसी पल में .....बस उसी पल में
अब न तड़पाओ श्याम
आजा श्याम आ जा



सुबह से सांझ,सांझ से सुबह
हर पल बीता जाता हैं
सावन भादो हर ऋतू
आती और जाती हैं
पर तू क्यों नही आता श्याम?
क्यों हैं इतना तरसाता
अब न तड़पाओ श्याम
अब तो आ ही जाओ श्याम
सागर की हर लहर आती जाती हैं
आँखों से बिन्दु टपटपआते रहते हैं
तेरे इंतज़ार में व्याकुल नयना नीर बहाते रहते हैं
मन तडपता हैं दर्शन को तेरे
हर पल बीता जाता हैं
सावन भादो हर ऋतू
आती और जाती हैं
पर तू क्यों नही आता श्याम?
क्यों हैं इतना तरसाता
अब न तड़पाओ श्याम
अब तो आ ही जाओ श्याम
सागर की हर लहर आती जाती हैं
आँखों से बिन्दु टपटपआते रहते हैं
तेरे इंतज़ार में व्याकुल नयना नीर बहाते रहते हैं
मन तडपता हैं दर्शन को तेरे
मैं तो तेरे नाम वाला प्रेम प्याला पीती रहू
जरा आ निकल के तस्वीर से
तू कुछ इस तरह
के होश-ओ-खबर ना हो मोको
मैं तेरे ही रंग में रंगी रहू
तेरी चाह में गिरधर गिरधर गाती फिरू
तेरी नाम मस्ती में झूमु फिरू
तू आ जाए सामने
मुझे होश ना हो
मैं तो तेरे नाम वाला प्रेम प्याला पीती रहू
तेरे नाम की मस्ती चडी रहे
मेरी हर साँस तेरे चरणों में पड़ी रहे
मेरा रोम रोम तुझपे हो न्योछावर
हर करम में मेरे तू श्याम आना
यारो का हैं यार तू
मेरे संग जो लगाई यारी
तो इस यार को भी श्याम
तू दरस दिखा जाना
मोहे अपना दीवाना बना जाना
तू कुछ इस तरह
के होश-ओ-खबर ना हो मोको
मैं तेरे ही रंग में रंगी रहू
तेरी चाह में गिरधर गिरधर गाती फिरू
तेरी नाम मस्ती में झूमु फिरू
तू आ जाए सामने
मुझे होश ना हो
मैं तो तेरे नाम वाला प्रेम प्याला पीती रहू
तेरे नाम की मस्ती चडी रहे
मेरी हर साँस तेरे चरणों में पड़ी रहे
मेरा रोम रोम तुझपे हो न्योछावर
हर करम में मेरे तू श्याम आना
यारो का हैं यार तू
मेरे संग जो लगाई यारी
तो इस यार को भी श्याम
तू दरस दिखा जाना
मोहे अपना दीवाना बना जाना
मुझे श्यामसुन्दर अपनी दीवानी बनाना
ओह मेरे कान्हा!
क्या कहू क्या न कहू?
क्या करू क्या न करू?
क्या सही क्या गलत?
क्या अछा क्या बुरा?
कुछ भी समझ न पाती हू
बस मैं तो तेरी दीवानी
तेरी ही रजा से चलना चाहती हू
जैसे भी तेरी हो इच्छा
वैसा ही तू मुझसे करवाना
मुझे श्यामसुन्दर अपनी दीवानी बनाना
मुझे बना तू कठपुतली अपने हाथो की
जैसी हो मर्जी वैसे तू नचाना
डोर थामना मेरी अपने हाथो
जिस विध चाहो वैसे नचाना
बस मोहे अपना बनाना अपने दर्शन करवाना
श्याम जल्दी आ जाना
क्या कहू क्या न कहू?
क्या करू क्या न करू?
क्या सही क्या गलत?
क्या अछा क्या बुरा?
कुछ भी समझ न पाती हू
बस मैं तो तेरी दीवानी
तेरी ही रजा से चलना चाहती हू
जैसे भी तेरी हो इच्छा
वैसा ही तू मुझसे करवाना
मुझे श्यामसुन्दर अपनी दीवानी बनाना
मुझे बना तू कठपुतली अपने हाथो की
जैसी हो मर्जी वैसे तू नचाना
डोर थामना मेरी अपने हाथो
जिस विध चाहो वैसे नचाना
बस मोहे अपना बनाना अपने दर्शन करवाना
श्याम जल्दी आ जाना

मुरली को पकड़ अधरों से लगा रहे हो
तुम तो यूँ मुस्कुरा रहे हो
सितमघर,क्यों सितम हमपे ढा रहे हो
मुरली को पकड़ अधरों से लगा रहे हो
अलोकिक बंसी की धुन तुम बजा रहे हो
पर हमपे तो कयामत ढा रहे हो
तुम तो सितम पे सितम किये जा रहे हो
अपनी नजरो से घायल किये जा रहे हो
कजरारी आँखों से चलाये कितने ही तूने बाण हैं
किया घायल कईयों को ,लगाया मरहम भी कई बार हैं
अब तो आ जाओ,रखो मोरी लाज ओह श्याम
प्रेम रूप घनश्याम,
अपने प्रेम समुद्र की इक बूँद पिला जाओ
श्याम मोरे एक बार आ जाओ
सितमघर,क्यों सितम हमपे ढा रहे हो
मुरली को पकड़ अधरों से लगा रहे हो
अलोकिक बंसी की धुन तुम बजा रहे हो
पर हमपे तो कयामत ढा रहे हो
तुम तो सितम पे सितम किये जा रहे हो
अपनी नजरो से घायल किये जा रहे हो
कजरारी आँखों से चलाये कितने ही तूने बाण हैं
किया घायल कईयों को ,लगाया मरहम भी कई बार हैं
अब तो आ जाओ,रखो मोरी लाज ओह श्याम
प्रेम रूप घनश्याम,
अपने प्रेम समुद्र की इक बूँद पिला जाओ
श्याम मोरे एक बार आ जाओ

मुझे अपने प्यारे दरस करवाना मेरे साँवरे

ओह कान्हा मेरे प्यारे मुझको अपना बना ले
चरणों की रज बना ले ,ओह कान्हा दर्शन अपने करा दे
मन मेरा व्याकुल हैं रहता,दिल करता तुमसे पुकार हैं
हटा दो पर्दा तेरे मेरे बीच का,दिखा दो दर्शन अपना घनश्याम रे
अब देरी न लगाना,मेरे नीलमणि,श्याम प्यारे
इन आँखों से जल्दी पर्दा हटाना मेरे प्यारे
अपने प्यारे प्यारे दर्शन करवाना मेरे प्यारे
हर समय खेलते लुका छिपी का खेल हो
इस बार लुक छिप छोड़
मेरी आँखों की पट्टी हटाना मेरे साँवरे
मुझे अपने प्यारे दरस करवाना मेरे साँवरे
संग मुझे अपने गोलोक लेजाना मेरे साँवरे
चरणों की रज बना ले ,ओह कान्हा दर्शन अपने करा दे
मन मेरा व्याकुल हैं रहता,दिल करता तुमसे पुकार हैं
हटा दो पर्दा तेरे मेरे बीच का,दिखा दो दर्शन अपना घनश्याम रे
अब देरी न लगाना,मेरे नीलमणि,श्याम प्यारे
इन आँखों से जल्दी पर्दा हटाना मेरे प्यारे
अपने प्यारे प्यारे दर्शन करवाना मेरे प्यारे
हर समय खेलते लुका छिपी का खेल हो
इस बार लुक छिप छोड़
मेरी आँखों की पट्टी हटाना मेरे साँवरे
मुझे अपने प्यारे दरस करवाना मेरे साँवरे
संग मुझे अपने गोलोक लेजाना मेरे साँवरे
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